Wednesday, 5 August 2015

106 साल की साध्वी

आहार चर्या के लिये 106 साल की साध्वी पैदल चलती है 1km ये क्षुल्लिका माताजी
मध्य प्रदेश में 1909 में हुआ था जन्म
देश की सबसे बुजुर्ग साध्वी छावनी जैन मंदिर में करेंगी चातुर्मास
क्षुल्लिका का जन्म 1909 में मप्र के भिंड जिले के जसवंत नगर में हुआ था। गृहस्थ जीवन का नाम कमलाबाई और पिता का नाम श्यामराज और संतोषबाई था। ढाई साल पहले ज्ञान मति माताजी की समाधि होने के बाद आचार्य चंद्रसागर जी महाराज के संघ में हैं।
85 साल की उम्र में सोनागिर में ली दीक्षा

क्षुल्लिकाने बताया कि उन्होंने कक्षा दो तक पढ़ाई की है। 85 साल की उम्र में सोनागिर में ज्ञान मति माताजी के सानिध्य में क्षुल्लक दीक्षा ली है। उन्होंने बताया कि कोटा में इनका 21 वां चातुर्मास हो रहा है।
कोटा| शहरमें पहली बार सबसे अधिक उम्र की 106 साल की क्षुल्लिका (जैन साध्वी) चातुर्मास कर रही हैं। रविवार को आचार्य चंद्रसागर महाराज के सानिध्य में क्षुल्लिका करुणामति के चातुर्मास की स्थापना छावनी स्थित अग्रवाल दिगंबर जैन धर्मशाला में हुई।
सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजमल पाटोदी का दावा है कि देश में 106 साल की यह पहली क्षुल्लिका हैं जो खुद पैदल चलकर आहारचर्या करती हैं। सभी जगहों पर चातुर्मास स्थापना में पड़ताल करने पर यह बात सामने आई है कि यह देश में सबसे अधिक उम्र की क्षुल्लिका हैं। इस उम्र में वो एक किमी पैदल तक आहार चर्या के लिए निकल सकती हैं। यह केवल मंगल विहार में ही वाहन का इस्तेमाल होता है। पाटोदी का कहना है कि कोटा में भी इस उम्र की क्षुल्लिका का पहला चातुर्मास है। यह समाज के लिए सौभाग्य है।
PARMOD K. JAIN
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