मृत्यु पर विजय प्राप्त करने वाले जिन श्री राम भगवन को नमस्कार हो !
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की उम्र 17000 वर्ष तथा शरीर की ऊंचाई 16 धनुष और वे मांगी-तुंगी से मोक्ष गये! ये पर्वत बहुत ही पवित्र है यहाँ से श्री राम के साथ साथ हनुमान, सुघ्रीव, नल, नील, महानील, गवा, गवाख्य इत्यादि रामायण के पात्र मोक्ष पधारे, इस तरह यहाँ से 99 करोड़ जीवो ने मुक्ति प्राप्त की है, इस क्षेत्र पर २ पहाड़ मांगी और तुंगी होने के कारण ही इस जगह का नाम मांगी-तुंगी है !
रावण ने एक पराई स्त्री सीता का अपहरण किया और उनको अपनी पटरानी बनाना चाहा ! जब रावण बहुत सारी विद्या प्राप्त करके दिग्विजय करने के लिए निकलता है तो बहुत राजाओ को हराता हुआ चलता है और इस विजययात्रा में रावण नलकूबर की स्त्री का प्रेमप्रस्ताव को ठुकराकर अपने को ऊँचा उठाता है और केवली भगवान् का उपदेश सुनकर प्रतिज्ञा करता है की मैं उस परनारी का उपभोग नहीं करूँगा जो स्वयं मुझे नहीं चाहेगी और दूसरी बड़ी बात जब श्री राम हनुमान जी को लंका भेजते है की सीता का समाचार लाओ वो कैसी है तब हनुमान जाते है वहा पर बन्दर का रूप बनाकर और लंका में जो उत्पात मचाते है वो तो सबको पता है और रावण के राजमहल की छत को एक लात मरते है और वो छत समुद्र में जाकर गिरजाती है फिर लोट कर आते है और राम को बोलते है आपकी सीता पवित्र और निष्कलंक है तब राम बोलते है ऐसा कैसे संभव है वो रावण सीता को लगाया फिर भी सीता निष्कलंक तब हनुमान जी, सुघ्रीव, इत्यादि लोग थोडा सा हँसते है और बोलते है "रावण विधाधर है उसकी -आकाशगामिनी विद्या- नष्ट हो जाती अगर वो सीता को छुने की कोशिश भी करता"
